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Title

Bhavna Battisi - Shlok no.29

जो संसार पतन के कारण, उन विकल्प-जालों को छोड़।

निर्विकल्प, निर्द्वन्द्व आतमा, फिर-फिर लीन उसी में हो॥२९॥

हे आत्मन! यदि सुखी होना चाहते हो तो संसार-सागर में गिरानेवाले सम्पूर्ण विकल्प-समूहों को छोडव़र; समस्त संकल्प-विकल्पों से रहित निर्विकल्प, संसार के जंजाल से रहित निर्द्वन्द्व आत्मा में पुनःपुनः स्थिर हो जाओ। २९

Series

Bhavna Battisi

Category

Paintings

Medium

Acrylic on Canvas

Size

36" x 24"

Orientation

Landscape

Completion Year

31-Dec-2021

Shlok

29