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Title

Dhrashti Na Nidhan - Bol 139

काल आने पर वर्षा होती है, काल आने पर वृक्ष खिलते हैं, काल आने पर चन्द्रमा का उदय होता है, पशु भी समय आने पर घर आते हैं, स्वाति नक्षत्र के काल में सीप में पानी की बूँद पड़ने से मोती बनती है, वैसे ही उत्तम देव-गुरु के महान योग-काल में तू आया और पूज्य पदार्थ अनुभव में न आये वह अजब तमाशा है !

क्रमांक १३९. दृष्टि के निधान

Series

Vairagya Varsha

Category

Paintings

Medium

Oil on Canvas

Size

36" x 48"

Orientation

Landscape

Artist

Riaz Samadhan

Completion Year

24-Mar-2021

Bol

139