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काल आने पर वर्षा होती है, काल आने पर वृक्ष खिलते हैं, काल आने पर चन्द्रमा का उदय होता है, पशु भी समय आने पर घर आते हैं, स्वाति नक्षत्र के काल में सीप में पानी की बूँद पड़ने से मोती बनती है, वैसे ही उत्तम देव-गुरु के महान योग-काल में तू आया और पूज्य पदार्थ अनुभव में न आये वह अजब तमाशा है !
क्रमांक १३९. दृष्टि के निधान
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Bol