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Title

Pratibimb Ko Dekhna

प्रतिबिंब को देखना - जिसप्रकार एक सिंह कुएँ में अपना प्रतिबिंब देखकर यह विचार करे कि इस वन में मेरे अलावा भी एक सिंह है, कदाचित वो मुझसे ज्यादा शक्तिवान तो नहीं? इसे डराकर मैं ही जंगल का राजा रहूँगा, इस विचार से वह उस पर दहाडता है, परन्तु कुएँ में दहाडने से उसकी ध्वनि अधिक आवाज के साथ गूँजती है और सिंह भयभीत होकर कुएँ में ही गिर जाता है। तो वह मूर्ख ही है क्योंकि प्रतिबिंब में दिखने वाला वह स्वयं ही था। ठीक इसप्रकार अज्ञानी पर में अपनापन करके भ्रमित होता है।

Series

Samyakgyan Deepika

Category

Paintings

Medium

Charcoal on Paper

Size

24" x 30"

Orientation

Landscape

Artist

Yuvraj Patil

Completion Year

03-Apr-2018