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Title

Ginti Karne karne wala Purush

गिनती करने वाला पुरुष - एक बार दस व्यक्ति नाँव से नदी पार कर रहे थे, जब वे नाँव में सवार हुए थे तो वे दस ही थे परन्तु जब नाँव से उतरने लगे तो नौ ही रह गये, प्रत्येक बार एक व्यक्ति जब सबको गिनता तो संख्या नौ ही रह जाती, कारण कि वह स्वयं को भूलकर बाकी सबको गिनता है। और एक व्यक्ति के खो जाने के भय से वे सब रोने लगते हैं। परन्तु उनके दु:खी होने के कारण का सही आधार नहीं है, मात्र स्वयं को भूलना ही है। ठीक उसीप्रकार अज्ञानी भी मात्र पर को गिनता है, उसे ही जानता है, उसी में अपनापन करता है, स्वयं को भूलकर दुःखी होता है, वहाँ दुःखी होने का कारण वह स्वयं ही है, कोई अन्य नहीं।

Series

Samyakgyan Deepika

Category

Paintings

Medium

Charcoal on Paper

Size

24" x 30"

Orientation

Landscape

Artist

Yuvraj Patil

Completion Year

03-Apr-2018